(आयात-निर्यात कोड – नए परिवर्तन)

(आयात-निर्यात कोड – नए परिवर्तन)

नमस्कार! हमारे नए ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

यहाँ हम आपको बताने वाले हैं आयात निर्यात कोड पर आये हुए नये नोटिफिकेशन के बारे में।

डायरेक्टरेट जनरल आफ फॉरेन ट्रेड के द्वारा दिनांक 12 फरवरी 2021 को नोटिफिकेशन नंबर 58/2015-2020 जारी किया गया जिसके तहत फॉरेन ट्रेड पॉलिसी 2015-20 के चैप्टर 1 एवं चैप्टर 2 मैं कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए।

Foreign Trade Policy, 2015-2020 के चैप्टर 2 में किए गए कुछ खास बदलाव:

FTP Paragraph No.                          जोड़े गए वाक्य
2.05 (d) An IEC holder has to ensure that details in its IEC is updated electronically every year, during April-June period. In case where there are no changes in IEC details same also needs to be confirmed online.

 

2.05 (e) An IEC shall be de-activated, if it is not updated within the prescribed time. An IEC so de-activated may be activated, on its successful updation. This would however be without prejudice to any other action taken for violation of any other provision of the Foreign Trade Policy.

 

2.05 (f) An IEC may be also be flagged for scrutiny. IEC holder are required to ensure that any risks flagged by the system is timely addressed; failing which the IEC shall be de-activated.

 

जोड़े गए वाक्यों का मतलब:

  • जोड़े गए पहली पैराग्राफ से सरकार यह कहना चाहती है के हर IEC होल्डर हर साल अप्रैल से लेकर जून तक के समय में अपने IEC की डिटेल्स को अपडेट करे, चाहे पूरी साल में आपने कोई बदलाव किया हो या ना किया हो।
  • दूसरा वाक्य कहता है कि यदि आपने निश्चित समय के दौरान अपना आईसी अपडेट नहीं किया तो सरकार द्वारा उसे डीएक्टिवेट कर दिया जाएगा। हालांकि, बाद में अपडेट करने से उसे फिर से सरकार द्वारा एक्टिवेट कर दिया जाएगा।
  • तीसरा वाक्य यह कहता है कि आपके IEC की कभी भी स्क्रुटनी की जा सकती है, तो आपको चाहिए कि आप हमेशा चेक करते रहें कहीं आप की IEC पर कोई प्रश्नचिन्ह तो नहीं है यदि आपने ऐसा नहीं किया तो भी आपका IEC सरकार द्वारा डीएक्टिवेट कर दिया जाएगा।

सारांश:

नोटिफिकेशन के द्वारा किए गए बदलावों को देखते हुए यह सारांश निकल के आता है की सरकार इंपोर्ट एवं एक्सपोर्ट को लेकर कोई भी लापरवाही बरतना नहीं चाहती।

वहीं दूसरी ओर इंपोर्ट एवं एक्सपोर्ट करने वालों के लिए एक नया कंप्लायंस जोड़ दिया गया है। एक तरफ यदि वह समय से IEC अपडेट नहीं करते तो उनका IEC डीएक्टिवेट होने का खतरा है वहीं दूसरी तरफ यदि किसी का IEC किसी कारणवश स्क्रूटनी में गया और किसी भी कारण से आईईसी होल्डर को यह पता नहीं लगा तो भी उसका IEC डीएक्टिवेट कर दिया जाएगा

इसका मतलब साफ है की आईसी होल्डर एवं उनका कार्य करने वाले प्रोफेशनल्स, दोनों को ही सतर्क रहने की आवश्यकता है क्योंकी सरकार रोज कुछ कुछ नया लेकर ही रही है।

 

धन्यवाद

Team OnlineCompany

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